प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोलियम पदार्थों की बचत के लिए निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों या पर्यावरण अनुकूल साधनों का अधिक से अधिक प्रयोग करने की एक विशेष अपील की है। प्रधानमंत्री की इस ऊर्जा बचत की मुहिम का असर अब देश के विभिन्न हिस्सों में साफ तौर पर दिखने लगा है। इस पर्यावरण हितेषी अभियान में क्या मुख्यमंत्री, क्या मंत्री और क्या आम सरकारी कर्मचारी – सभी वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद सकारात्मक तस्वीर सामने आई है, जहां देहरादून मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने प्रधानमंत्री मोदी की इस राष्ट्रव्यापी अपील से प्रभावित होकर अपने सरकारी वाहन को छोड़कर कार्यालय आने-जाने के लिए साइकिल की सवारी शुरू कर दी है।
इसके साथ ही प्रदेश की सरकार में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भी इस अभियान को एक संस्थागत रूप देते हुए राज्य में हर मंगलवार को ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की एक बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे समय में जब साइकिल को अपनी दैनिक यात्रा का मुख्य साधन बनाने वाले मंडी सचिव विजय थपलियाल से बात की गई, तो उनका कहना था कि यह कदम ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनका एक बहुत ही छोटा सा व्यक्तिगत योगदान है। उन्होंने समाज के सभी जागरूक नागरिकों से यह भावुक अपील भी की कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर जितनी संभव हो सके ईंधन की बचत अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।
