देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को लगातार चौथी बार बढ़ोतरी की गई। पिछले दस दिनों में यह चौथा इजाफा है और इस बार बढ़ोतरी अपेक्षाकृत ज्यादा रही। पेट्रोल और डीजल के दाम में लगभग 2.7 से 2.8 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही 15 मई से अब तक चार चरणों में ईंधन की कीमतें कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जबकि डीजल 2.71 रुपये महंगा होकर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया। करीब चार साल बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत फिर से 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंची है। इससे पहले मई 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान ऐसा हुआ था।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 2.72 रुपये बढ़कर 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल 2.81 रुपये महंगा होकर 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। वहीं Kolkata में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा 2.87 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद वहां पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में डीजल की कीमत 2.80 रुपये बढ़कर 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई।
चेन्नई में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। यहां पेट्रोल 2.46 रुपये महंगा होकर 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.57 रुपये बढ़कर 99.55 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
तेल विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद करीब तीन महीने तक घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर रखा था। हालांकि 15 मई से कंपनियों ने दबाव को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना शुरू किया। पहली बढ़ोतरी में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे, जबकि उसके बाद दो बार 90-90 पैसे की वृद्धि की गई।
भारत का कच्चे तेल का औसत बास्केट मूल्य मई महीने में 22 मई तक 107.96 डॉलर प्रति बैरल रहा। हालांकि सोमवार सुबह वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 4.8 प्रतिशत गिरकर 98.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसकी वजह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों को माना जा रहा है, जिससे लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने कच्चे तेल के दाम में नरमी देखने को मिली।
