केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से सभी जनजातीय समुदायों को बाहर रखने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, ताकि उनके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें। नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यूसीसी से किसी भी आदिवासी समुदाय के अधिकारों का हनन नहीं होगा।
गृह मंत्री ने महान आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की विरासत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने यह संदेश दिया था कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज का पहला अधिकार है और कोई भी उनकी भूमि और जंगलों पर कब्जा नहीं कर सकता।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जनजातीय कल्याण का बजट केवल 28 हजार करोड़ रुपये था, जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
