भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम ‘मनी मार्केट ऑपरेशंस’ आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 17 जुलाई 2026 तक बैंकिंग प्रणाली से कुल 70,888.18 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता (Net Liquidity) वापस ली (Absorb) है।
आरबीआई के लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के आंकड़ों के मुताबिक, दिन के परिचालन के दौरान कुल 81,672 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित की गई, जबकि 10,783.82 करोड़ रुपये की तरलता का शुद्ध प्रवाह (Injection) किया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर 70,888.18 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकाली गई।
वैरिएबल रेट रेपो (VRR) और एसडीएफ (SDF) परिचालन
- 3-दिवसीय VRR के जरिए तरलता डाली: दिन के कारोबार के दौरान, आरबीआई ने 3-दिवसीय वैरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी का आयोजन किया, जिसके माध्यम से 5.26 प्रतिशत के कट-ऑफ रेट पर प्रणाली में 75,003 करोड़ रुपये डाले गए।
- स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF): बैंकिंग प्रणाली के कुछ हिस्सों में अधिशेष (सरप्लस) तरलता को दर्शाते हुए, बैंकों ने 5.00 प्रतिशत की ब्याज दर पर स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) के तहत 1,52,120 करोड़ रुपये जमा किए।
