ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सईद बिजनेस स्कूल द्वारा तैयार एक विस्तृत केस स्टडी में भारत के PRAGATI प्लेटफॉर्म को बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास परियोजनाओं को गति देने वाला एक प्रभावशाली डिजिटल गवर्नेंस मॉडल बताया गया है। गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से तैयार इस रिपोर्ट का शीर्षक है “From Gridlock to Growth: How Leadership Enables India’s PRAGATI Ecosystem to Power Progress”। अध्ययन में नेतृत्व, तकनीक और जवाबदेही के समन्वय को भारत की विकास यात्रा का अहम आधार बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2015 से दिसंबर 2024 के बीच PRAGATI के माध्यम से 340 से अधिक प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 205 अरब डॉलर रही। इस डिजिटल मंच ने परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय को मजबूत बनाकर लंबे समय से अटकी योजनाओं को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
PRAGATI का पूरा नाम Pro-Active Governance and Timely Implementation है। यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों को एक साथ जोड़ता है। रियल-टाइम डेटा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और जियो-स्पेशियल मैपिंग के जरिए परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाती है, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनती है।
PRAGATI की खासियत यह है कि इसके तहत प्रधानमंत्री स्वयं परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं। वे बाधाओं की पहचान करते हैं और संबंधित विभागों व एजेंसियों के बीच समाधान सुनिश्चित करते हैं। इस व्यवस्था से नौकरशाही देरी में कमी आई है और विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय हुई है।
ऑक्सफोर्ड स्टडी में बताया गया है कि PRAGATI ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य में बड़ा बदलाव किया है। जून 2023 तक 340 उच्च-मूल्य वाली परियोजनाओं की समीक्षा से राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, हवाई अड्डों की क्षमता वृद्धि और ऊर्जा अवसंरचना के विकास को नई गति मिली।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई परियोजनाएं अत्यधिक जटिल थीं, जिनमें भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और कई एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी चुनौतियां शामिल थीं। इसके बावजूद PRAGATI के माध्यम से समाधान संभव हुआ। अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से अर्थव्यवस्था में बड़े आर्थिक गुणक प्रभाव उत्पन्न होते हैं।
शीर्ष नेतृत्व को PRAGATI की सफलता का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रधानमंत्री की सीधी निगरानी से वर्षों से लंबित पड़ी परियोजनाएं दोबारा शुरू हो सकीं। रिपोर्ट में झारखंड की पाकरी-बरवाडीह कोयला खदान परियोजना और रेलवे में इलेक्ट्रॉनिक ड्राइंग अप्रूवल सिस्टम जैसे उदाहरणों का उल्लेख किया गया है।
अंतर-राज्यीय समन्वय के क्षेत्र में भी PRAGATI प्रभावी साबित हुआ है। एनोर-तिरुवल्लूर-बेंगलुरु गैस पाइपलाइन परियोजना जैसे मामलों में इस मंच ने तीन राज्यों के बीच सहयोग स्थापित कर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों को सुलझाने में मदद की, जिससे परियोजना को पूरा किया जा सका।
अध्ययन के अनुसार, PRAGATI ने प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और तात्कालिकता की भावना पैदा की है। कई मामलों में परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक से पहले ही तेज हो जाती है, जिससे अधिकारियों में परिणाम देने की संस्कृति विकसित हुई है।
रिपोर्ट में PRAGATI को PM गति शक्ति, PARIVESH और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एक व्यापक गवर्नेंस इकोसिस्टम का हिस्सा बताया गया है। ये प्लेटफॉर्म सैटेलाइट आधारित योजना, स्वचालित पर्यावरण मंजूरी और एआई आधारित परियोजना निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करते हैं।
सामाजिक योजनाओं के क्षेत्र में भी PRAGATI की निगरानी का सकारात्मक असर देखने को मिला है। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण नल कनेक्शन, सौभाग्य योजना के अंतर्गत विद्युतीकरण और स्वच्छ भारत मिशन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। इसके अलावा, पासपोर्ट प्रक्रिया में देरी जैसी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी यह मंच उपयोगी सिद्ध हुआ है।
ऑक्सफोर्ड स्टडी के मुताबिक, PRAGATI ने केंद्र और राज्यों के बीच ‘टीम इंडिया’ की भावना को मजबूत किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय सचिव और राज्य के मुख्य सचिवों के बीच सीधा संवाद संभव हुआ है, जिससे पारंपरिक नौकरशाही बाधाएं कम हुई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि PRAGATI विकासशील देशों के लिए एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। नेतृत्व आधारित जवाबदेही, रियल-टाइम डिजिटल समन्वय और समावेशी निर्णय प्रक्रिया जटिल विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद कर सकती है।
अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, PRAGATI केवल परियोजना समीक्षा का मंच नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा डिजिटल गवर्नेंस मॉडल है जो नेतृत्व, तकनीक और जवाबदेही को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय विकास को नई दिशा और गति प्रदान कर रहा है।
