भारत ने वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी कामकाज को और अधिक तेज बनाने के लिए एक नई एआई पहल की शुरुआत की है। इस पहल का नाम रखा गया है ‘इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज’, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करना है, जो वित्तीय रिपोर्टों की जांच को सरल और तेजी से कर सकें।
इस पहल को नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) और इंडिया एआई की साझेदारी में लॉन्च किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया है। वर्चुअल चरण में चुनी गई 10 टीमों को प्रत्येक को 5-5 लाख रुपए पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।
इस पहल में विजेता टीम को एनएफआरए के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए तक हो सकती है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें देशभर में लागू होने वाली AI प्रणाली विकसित करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भारतीय कंपनियों और डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को ऐसा AI सिस्टम बनाना होगा, जो विभिन्न प्रकार की फाइलों से जानकारी निकाल सके और तय नियमों के अनुसार उनका विश्लेषण कर सके।
AI प्रणाली वित्तीय नियमों के पालन की जानकारी देने के साथ-साथ जोखिम संकेत, स्वचालित विश्लेषण, और AI आधारित चैट सिस्टम भी प्रदान करेगी। इस प्रतियोगिता में आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत के AI स्टार्टअप्स से कहा कि उनके मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया को सस्ती और सबको साथ लेकर चलने वाली AI तकनीक दे सकता है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत के AI मॉडल में स्थानीय भाषा, संस्कृति और सामग्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि ये तकनीक समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स और AI उद्यमियों को भारत के भविष्य निर्माता बताया और भरोसा जताया कि हमारे पास नए विचारों के साथ उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की क्षमता है।
