उत्तराखंड में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को तेजी से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि इस योजना के जरिए मत्स्य पालन को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे के विस्तार के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से स्थानीय लोगों को आय के नए अवसर मिल रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
राज्य सरकार का फोकस मत्स्य पालन को संगठित और आधुनिक बनाने पर है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़ सकें। योजना के तहत मछली पालन करने वाले किसानों और युवाओं को आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जा रही है, साथ ही उन्हें वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से उत्तराखंड में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों की आय में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल रोजगार सृजन कर रही है बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस योजना के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र में और विस्तार किया जाएगा, जिससे राज्य के ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
