मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत जरूरतमंद और असहाय बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इस कड़ी में उत्तराखंड सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के माध्यम से 126 निर्धन एवं असहाय बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह सहायता उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपनी अधूरी पढ़ाई दोबारा शुरू करने में मदद करेगी।
यह कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया गया, जहां बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से यह सहयोग दिया गया। सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास से बेटियां समाज और परिवार दोनों के लिए सशक्त भूमिका निभा सकेंगी।
राज्य सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। इस पहल से समाज के कमजोर वर्ग की बालिकाओं को नई दिशा मिलेगी और वे शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगी।
