अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आगाह किया है कि ईरान युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतों में भारी उछाल आया है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवधान का पैमाना और अवधि ही भविष्य के दीर्घकालिक नुकसान को निर्धारित करेगी, हालांकि इसके व्यापक प्रभाव अभी से दिखाई देने लगे हैं जो अगले साल तक बने रहने की आशंका है। जॉर्जीवा के अनुसार पिछले पांच हफ्तों से दुनिया का लगभग 13 प्रतिशत तेल और 20 प्रतिशत गैस का प्रवाह ठप पड़ा है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर तो है लेकिन यह अलग-अलग देशों को उनकी निर्भरता के हिसाब से अलग तरह से प्रभावित कर रहा है। आईएमएफ प्रमुख ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान स्थिति में युद्धविराम हो भी जाता है, तो भी वैश्विक अर्थव्यवस्था को इससे तत्काल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
