अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की घोषणा के बाद एशियाई ऊर्जा बाजारों के खुलते ही वैश्विक तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल के दाम 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 8.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 102.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) में 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है और यह 105.34 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। तनाव के इस माहौल का असर शेयर बाजारों पर भी दिखा, जहां जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.8 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.8 प्रतिशत तक लुढ़क गया। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने से वैश्विक ऊर्जा संकट के और गहराने की आशंका बढ़ गई है, जिससे निवेशकों में बेचैनी है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति बनी थी, तब कीमतें 100 डॉलर के नीचे गिर गई थीं, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने बाजार में फिर से भारी अस्थिरता पैदा कर दी है।
