बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित संस्था ‘किलकारी’ छपरा शहर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय कार्य कर रही है। यह संस्था राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर के समीप स्थित ‘बिहार बाल भवन’ में संचालित हो रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी शिक्षा से परे उनके व्यक्तित्व का संपूर्ण निर्माण करना है। विज्ञान प्रशिक्षक प्रमोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘किलकारी’ के माध्यम से 8 से 14 वर्ष की आयु के बालकों और 8 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णतः निशुल्क है और प्रतिदिन सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक संचालित किया जाता है।
संस्था द्वारा बच्चों के लिए कुल दस प्रमुख विधाओं का चयन किया गया है, जिनमें नृत्य, संगीत, विज्ञान, लेखन, नाटक, चित्रकला, हस्तकला, तबला, कंप्यूटर, शहनाई, कराटे और कबड्डी जैसे विषय शामिल हैं। इन विधाओं के माध्यम से बच्चों को अपने कौशल को निखारने और अपनी रुचि के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। कंप्यूटर प्रशिक्षिका दीपाली कुमारी ने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी यहाँ आकर अपना नामांकन करा सकते हैं और अपनी पसंद के अनुसार किसी भी विधा को चुनकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। नामांकन प्रक्रिया के लिए विद्यार्थियों को अपना आधार कार्ड तथा अभिभावकों का आधार कार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।
इस प्रशिक्षण पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखे जा रहे हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इस तरह के रचनात्मक आयोजनों से बच्चों में न केवल नई तकनीकों और कलाओं के प्रति समझ विकसित होती है, बल्कि उनमें अद्भुत आत्मविश्वास का संचार भी होता है। बच्चों को एक ऐसा मंच मिल रहा है जहाँ वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं। यह प्रयास छपरा के बच्चों के लिए अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को उजागर करने और समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से लाभ प्राप्त हो रहा है।
