पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच Air India ने इजरायल के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन जुलाई के अंत तक बढ़ाने का फैसला किया है। एयर इंडिया पहले ही तेल अवीव-दिल्ली मार्ग पर जून के अंत तक उड़ान सेवाएं रोक चुकी थी, लेकिन क्षेत्र में लगातार बनी अनिश्चित स्थिति को देखते हुए अब इस अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सुरक्षा संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महंगे विमान ईंधन, सीमित हवाई क्षेत्र और सुरक्षा प्रतिबंधों ने एयरलाइनों की परिचालन लागत में भारी बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच कुछ समय से संघर्ष विराम बना हुआ है, लेकिन क्षेत्र की अस्थिर स्थिति के चलते अधिकांश अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने तेल अवीव मार्ग पर अपनी सेवाएं रोक दी हैं। इसका असर वैश्विक विमानन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है।
एयर इंडिया की उड़ानें बंद होने से इजरायल में रह रहे 40 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। इनमें बड़ी संख्या में कामकाजी लोग, छात्र और पेशेवर शामिल हैं, जो निजी या व्यावसायिक कारणों से भारत आना चाहते हैं। कई भारतीय मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा अनिश्चितताओं के बीच अपने परिवारों के पास लौटना चाहते हैं, लेकिन सीमित उड़ान विकल्पों के कारण यात्रा खर्च काफी बढ़ गया है। इससे वहां रह रहे भारतीय कामगारों और परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका असर जारी रह सकता है।
