किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कल दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जालोलोव को 8-1 से हराकर खिताबी जीत हासिल की। सुजीत की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2019 में बजरंग पुनिया के बाद इस भार वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले वे पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं, साथ ही यह इस साल उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। वहीं 70 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अभिमन्यु मंडवाल ने बड़ा उलटफेर करते हुए मंगोलिया के ओलंपियन तोमोर-ओचिरिन तुल्गा को 5-3 से शिकस्त देकर सोने का तमगा जीता। इन दो स्वर्ण पदकों के साथ ही इस चैंपियनशिप में भारत के पदकों की कुल संख्या 14 हो गई है, जिसमें दो स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं।
प्रतियोगिता के अन्य मुकाबलों में भी भारत के लिए अच्छी खबरें आ रही हैं जहाँ ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने 61 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने सेमीफाइनल में ईरान के अहमद मोहम्मदनेजाद जवान को 11-9 के कड़े अंतर से हराया और अब स्वर्ण पदक के लिए उनका मुकाबला कोरिया के क्वांग म्योंग किम से होगा। इनके साथ ही मुकुल दहिया ने भी 86 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने कजाकिस्तान के बोलात सकायेव को 12-6 से मात दी और अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना ईरान के दिग्गज पहलवान कामरान घासेमपुर से होगा।
