मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार की गई आगामी पांच वर्षों यानी 2026 से 2031 तक की कार्ययोजना से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का आधिकारिक विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह मास्टर प्लान राज्य के भविष्य को संवारने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अत्यंत दूरदर्शी कदम है। यह पुस्तिका केवल एक दस्तावेज मात्र नहीं है, बल्कि यह राज्य के चहुंमुखी विकास का एक व्यापक रोडमैप है जिसे भविष्य की आवश्यकताओं, भौगोलिक चुनौतियों और आम जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आगामी पांच वर्षों के विजन पर आधारित यह मास्टर प्लान राज्य को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और पीडब्ल्यूडी का यह मास्टर प्लान इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में एक आधारशिला की तरह कार्य करेगा। इस योजना के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी को सुगम बनाने, पर्वतीय सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने और आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस मास्टर प्लान के क्रियान्वयन से राज्य में पर्यटन, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की प्रबल संभावना है, जिससे न केवल राज्य की आय में वृद्धि होगी, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे का विकास ही राज्य की प्रगति का द्वार खोलता है। अंत में उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस मास्टर प्लान को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
