उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के आधिकारिक आगाज की पूर्व संध्या पर आध्यात्मिक उत्साह का माहौल है। मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से विधि-विधान और पूरी धार्मिक भव्यता के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है। डोली के प्रस्थान के समय पूरा क्षेत्र भक्ति के रंगों में सराबोर रहा और श्रद्धालु ‘गंगा मैया की जय’ के उद्घोष के साथ अपनी आराध्या को विदाई देते नजर आए। मुखवा गांव में डोली के प्रस्थान से पूर्व पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य अनुष्ठान संपन्न किए गए, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही पुजारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी श्रद्धापूर्वक भागीदारी निभाई।
यह डोली यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों से होकर गुजर रही है, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं का हुजूम मां गंगा की एक झलक पाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़ा। भक्त डोली के दर्शन कर अपने आप को धन्य महसूस कर रहे हैं और इस पवित्र आयोजन का साक्षी बनकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें गंगोत्री धाम पर टिकी हैं, जहां रविवार को निर्धारित शुभ मुहूर्त में वैदिक विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। कपाट खुलने की प्रक्रिया के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां गंगा के दर्शन शुरू हो जाएंगे और इसी के साथ उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का औपचारिक और विधिवत शुभारंभ भी हो जाएगा। प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
