लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी जिले का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पलिया और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए जिले की सात विधानसभाओं के लिए ₹1311 करोड़ की 538 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
गांव का नाम बदला और नई घोषणाएं: मोहम्मदी विधानसभा के विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जनसभा स्थल ‘मियांपुर’ गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ कर दिया। वहीं, पलिया विधायक रोमी साहनी ने पलिया को जिला बनाने और नया बस डिपो स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
विकास और सामाजिक न्याय का संगम:
- थारू जनजाति को अधिकार: योगी सरकार ने थारू जनजाति के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि पर पूर्ण मालिकाना हक (स्वामित्व अधिकार) प्रदान किया। ये परिवार 1976 से केवल भूमि उपयोग का अधिकार रखते थे।
- विस्थापितों का पुनर्वास: पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए 331 हिंदू परिवारों और नदी कटान से प्रभावित 2350 परिवारों को भूमि आवंटन पत्र और आवास की चाबियां सौंपी गईं। मियांपुर में बसे परिवारों को औसतन 4.75 एकड़ कृषि भूमि दी गई है।
- योजनाओं का लाभ: मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि और पेंशन योजनाओं के चेक व डेमो चाबियां वितरित कीं।
कस्ता विधानसभा पर सस्पेंस: इस कार्यक्रम में जिले की सात विधानसभाओं को शामिल किया गया, लेकिन ‘कस्ता’ विधानसभा का नाम सूची में न होने पर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं रहीं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 21 या 22 अप्रैल को विशेष रूप से कस्ता क्षेत्र के दौरे पर आने वाले हैं, इसलिए वहां की योजनाओं को आज के कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
