नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक 2026 के दूसरे दिन खुले सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत सुधारित और प्रभावी बहुपक्षवाद के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी भागीदारों के साथ काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस जुड़ाव का विस्तार उस महत्व को दर्शाता है जो सभी नेता तेजी से बदलती दुनिया में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने को दे रहे हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। इससे पहले डॉ. जयशंकर ने आज नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की और पश्चिम एशिया की स्थिति व उसके प्रभावों पर चर्चा करने के साथ-साथ आपसी हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा ब्रिक्स बैठक में उनकी भागीदारी की सराहना की।
इसी क्रम में विदेश मंत्री ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पारिला से भी मुलाकात की जिसमें स्वास्थ्य, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण पर केंद्रित सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई तथा दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित परामर्श आयोजित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा डॉ. जयशंकर ने ब्रिक्स बैठक के इतर युगांडा के विदेश मंत्री ओडोंगो जेजे अबुबखर के साथ भी एक बैठक की जिसमें भारत और युगांडा के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ प्रौद्योगिकी के उपयोग और भारतीय समुदाय व व्यवसायों द्वारा सक्षम मजबूत संबंधों को साझा करने पर विचार-विमर्श किया।
