केंद्र सरकार देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाने से बचें। मंत्रालय के अनुसार, वितरण स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए ‘डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) आधारित एलपीजी वितरण की दर फरवरी 2026 के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके साथ ही, कल एक ही दिन में 90 हजार से अधिक 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई है, जिन्हें किसी भी वैध पहचान पत्र के माध्यम से बिना पते के प्रमाण के खरीदा जा सकता है। मार्च 2026 से अब तक लगभग 3.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन गैस आधारित किए जा चुके हैं और 3.9 लाख से अधिक नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया है।
समुद्री सुरक्षा और प्रवासियों की स्थिति पर जानकारी देते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। देशभर के बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य है और महानिदेशक (शिपिंग) ने अब तक खाड़ी क्षेत्र से 1479 भारतीय नाविकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की है। वहीं, विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। कल ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि उड़ानों की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और 28 फरवरी से अब तक लगभग 7 लाख 2 हजार यात्री इस क्षेत्र से भारत की यात्रा कर चुके हैं।
