देशभर में आज से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत होगी, जो 17 अगस्त तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना और देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत वर्ष 2022 में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत की गई थी। इसके बाद यह अभियान देश के सबसे बड़े जनभागीदारी आंदोलनों में शामिल हो गया है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के लोग तिरंगे को भारत की एकता, सम्मान और सामूहिक राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक के रूप में मनाते हैं।
इस वर्ष का अभियान विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत को देशभक्ति के एक अनूठे उत्सव के रूप में जोड़ा गया है। अभियान के तहत देशभर में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के गायन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत 14 अगस्त को देशभर में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर भारत विभाजन के दौरान हुए विस्थापन और लोगों की पीड़ा को याद किया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौन मार्च, विभाजन से संबंधित प्रदर्शनियां, वृत्तचित्रों का प्रदर्शन और अन्य स्मृति कार्यक्रम आयोजित होंगे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मंत्रालय ने लोगों से गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने, ‘वंदे मातरम्’ सीखने और सामूहिक रूप से गाने, सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेने तथा स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों को याद करने का आह्वान किया है।
अभियान के तहत दुनिया भर में स्थित 200 से अधिक भारतीय दूतावास, उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस वर्ष ‘सूर्य पथ तिरंगा’ डिजिटल रिले प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें अलग-अलग समय क्षेत्रों में सूर्योदय के क्रम के अनुसार चुने गए 54 भारतीय मिशन और पोस्ट भाग लेंगे। यह डिजिटल रिले 15 अगस्त को फिजी स्थित भारत के सबसे पूर्वी राजनयिक मिशन से शुरू होकर सैन फ्रांसिस्को स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास में समाप्त होगा।
