भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र, पंजाब और विदर्भ के कई इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत के ये राज्य गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में कल मूसलाधार बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईक्कल में अगले दो दिनों तक लोगों को गर्म और उमस भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भी गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है और तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर चुका है। आने वाले दिनों में पारे में और बढ़ोतरी होने की आशंका है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने हीट वेव को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अप्रैल को एनसीआर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है और इस दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ बना रहेगा। हालांकि, 22 अप्रैल से मौसम का मिजाज और अधिक तल्ख हो जाएगा, जब तापमान बढ़कर 42 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस दिन पूरे दिन हीट वेव का असर रहेगा और पूर्वाह्न से लेकर दोपहर और शाम तक लू चलने की प्रबल आशंका है। 23 और 24 अप्रैल को भी भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री तक बने रहने का अनुमान है। विशेष रूप से 24 अप्रैल को नमी की मात्रा बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी को और अधिक बढ़ा देगी।
मौसम विभाग ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीने का परामर्श दिया है। गर्मी के इस प्रकोप के बीच एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच चुका है, जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एक चिंताजनक स्थिति है।
