प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ वार्षिक शिखर स्तरीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे और संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) के आदान-प्रदान की उम्मीद है।
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची तीन दिवसीय भारत दौरे पर कल शाम नई दिल्ली पहुंचीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत-जापान संबंधों में आर्थिक सुरक्षा अब एक अहम स्तंभ बनकर उभरी है। नवंबर 2024 में टोक्यो में आयोजित पहली आर्थिक सुरक्षा वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग के लिए पांच प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की थी। इनमें सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, फार्मास्यूटिकल्स, स्वच्छ ऊर्जा और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
भारत और जापान के संबंध लगातार उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद से मजबूत हुए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान जापानी प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात नवंबर पिछले वर्ष जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के इतर भी हुई थी।
वार्षिक शिखर सम्मेलन भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का प्रमुख मंच बना हुआ है। वर्ष 2025 में आयोजित वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान जापान-भारत मानव संसाधन विनिमय और सहयोग कार्ययोजना शुरू की गई थी। इसके तहत पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच पांच लाख लोगों के आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें भारत से जापान जाने वाले 50 हजार कुशल और अर्धकुशल कर्मी भी शामिल हैं।
वार्षिक शिखर सम्मेलनों के अलावा दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश सचिव स्तर पर भी नियमित संवाद और बैठकें होती रहती हैं।
