ताशकंद में चल रही एशियाई अंडर-15 और अंडर-17 मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय बालिका खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय टीम की नौ खिलाड़ी विभिन्न भार वर्गों में फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं।
30 से 33 किलोग्राम वर्ग में अक्षिता ने कजाखस्तान की अयाझान मरात के खिलाफ रेफरी द्वारा मुकाबला रोके जाने के आधार पर शानदार जीत दर्ज की। 37 किलोग्राम वर्ग में अंजी ने उज्बेकिस्तान की सर्विनोज रिस्कुलोवा को 5-0 से हराकर भारत की मजबूत चुनौती को आगे बढ़ाया। 40 किलोग्राम वर्ग में सोनिया ने कजाखस्तान की डायना मेंडिगारायेवा के खिलाफ 5-0 से एकतरफा जीत हासिल की।
43 किलोग्राम वर्ग में तन्वी ने कजाखस्तान की सेजिम नुरलुबेक को हराकर मुकाबला अपने नाम किया। 46 किलोग्राम वर्ग में हंशिका अटरी ने कोरिया की यूहुई चियोन को रेफरी द्वारा मुकाबला रोके जाने के आधार पर हराया।
58 किलोग्राम वर्ग में सुनैना ने कजाखस्तान की अरदाक अब्दिखान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। 61 किलोग्राम वर्ग में भूमिका ने चीनी ताइपे की चियाओ यिंग चांग को हराकर फाइनल में जगह बनाई। 64 किलोग्राम वर्ग में तन्नवी ने कजाखस्तान की यास्मिन जौतखानोवा को 4-1 से हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया।
हालांकि 35 किलोग्राम वर्ग में जिया को किर्गिस्तान की मलिका मोल्दोगाजिएवा के खिलाफ कड़े मुकाबले में 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। 49 किलोग्राम वर्ग में खुशी राणा उज्बेकिस्तान की जेबिनिसो अब्दुल्लायेवा से 0-5 से हार गईं, जबकि 52 किलोग्राम वर्ग में कनिष्का को कजाखस्तान की समल तोलेपबर्गेन के खिलाफ 0-5 से पराजय मिली।
उच्च भार वर्गों में 67 किलोग्राम वर्ग की आश्वी कजाखस्तान की नूरगुल साखी से हार गईं, जबकि 70 किलोग्राम से अधिक वर्ग में मानवी को उज्बेकिस्तान की जाहरो दानियोरोवा के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय अंडर-15 बालिका टीम की नौ खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से अब देश को स्वर्ण पदकों की बड़ी उम्मीदें हैं।
