भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन सुस्त रुख देखने को मिला है। पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद आज यानी बुधवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स मुनाफावसूली और मिले-जुले वैश्विक संकेतों के कारण मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही दबाव में नजर आए, जिससे निवेशकों ने बाजार खुलने के साथ ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी।
ट्रेडिंग की शुरुआत में निफ्टी 50 (Nifty 50) करीब 0.14% की गिरावट के साथ $23,900$ के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास मंडराता दिखा। वहीं दूसरी ओर, बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसक्स (BSE Sensex) 0.09% यानी करीब 70 अंकों की नरमी लेकर $75,939$ के स्तर पर खुला। बाजार के जानकारों का कहना है कि तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी को $24,100$ के स्तर के आसपास कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है, और जब तक बाजार इस सीमा को पार नहीं करता, तब तक आगे भी ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बने रहने की पूरी आशंका है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस सुस्ती के पीछे कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वजहें काम कर रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में जारी ताजा भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक स्तर पर निवेशक काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके साथ ही फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी विदेशी फंडों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने घरेलू बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सेक्टोरल मोर्चे पर देखें तो बैंकिंग और आईटी से जुड़े दिग्गज हेवीवेट्स जैसे एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज में शुरुआती बिकवाली देखने को मिली, जिसने सूचकांकों को नीचे खींचने का काम किया। हालांकि बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली खरीदारी का रुझान बना हुआ है, जिससे निचले स्तरों पर बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
