भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साइप्रस में आयोजित यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों में भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शांति प्रयास भी बातचीत के प्रमुख विषय रहे।
जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात कर युद्ध की मौजूदा स्थिति और शांति प्रयासों पर विचार साझा किए। बैठक के बाद एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच युद्ध के हालात, यूक्रेन की नई पहलों और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध समाप्त कर व्यापक और स्थायी शांति चाहता है तथा इस दिशा में भारत की भूमिका और उसकी मजबूत आवाज का स्वागत करता है। दोनों पक्षों ने भारत-यूक्रेन संबंधों को और मजबूत करने तथा नियमित संवाद जारी रखने पर भी सहमति जताई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी मुलाकात की। इस दौरान पश्चिम एशिया की तेजी से बदलती स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि उन्हें पश्चिम एशिया की परिस्थितियों को लेकर सऊदी नेतृत्व के विचार और समझ उपयोगी लगे।
इसके अलावा जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-यूरोपीय संघ सहयोग, वैश्विक कूटनीति और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्री बुधवार को साइप्रस पहुंचे थे, जहां उन्हें इस विशेष बैठक में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया था।
