प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की नींव बेहद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने 7.7 प्रतिशत की प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि दर्ज की है, जो भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखती है।
दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सुधारों की गति को और तेज करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास और गरीबों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पूरी दुनिया हरित भविष्य की ओर बढ़ रही है और भारत आर्थिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की कुल 250 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में से 50 गीगावाट का योगदान अकेले गुजरात का है। यह देश की कुल हरित ऊर्जा क्षमता का लगभग पांचवां हिस्सा है, जो गुजरात की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात सौर ऊर्जा से आगे बढ़कर ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए इन क्षेत्रों का विकास बेहद आवश्यक है और गुजरात इसमें देश का नेतृत्व कर सकता है।
सूरत के विकास की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शहर की प्रगतिशील सोच और उसके ग्रीन सिटी के रूप में हुए परिवर्तन की सराहना की। उन्होंने सूरत के सर्कुलर वाटर इकोनॉमी मॉडल और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल की विशेष प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक अवसर भी पैदा कर रहा है।
सूरत पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हजीरा का दौरा किया, जहां उन्होंने चल रही औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की तथा क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
