प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। 10 जून 2026 को उन्होंने देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत में पहली बार आम चुनाव जीतने के बाद 13 मई 1952 को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी और 27 मई 1964 तक इस पद पर बने रहे। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का कार्यकाल कुल 4,398 दिनों का था। जबकि 26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक प्रधानमंत्री मोदी का लगातार कार्यकाल 4,399 दिनों का हो गया है, जो भारतीय इतिहास में सबसे लंबा निर्वाचित प्रधानमंत्री कार्यकाल है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 1.4 अरब से अधिक लोग विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, धर्मों और भौगोलिक विविधताओं के साथ रहते हैं। इतने विशाल और विविधतापूर्ण देश का लंबे समय तक नेतृत्व करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
वैश्विक स्तर पर जहां कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता, सरकारों में बार-बार बदलाव और नीतिगत अनिश्चितता देखने को मिली है, वहीं भारत ने पिछले एक दशक से अधिक समय तक नेतृत्व और शासन में निरंतरता बनाए रखी है। इसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में जनता द्वारा लगातार तीन बार दिए गए जनादेश और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों में दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेताओं में लगातार स्थान मिला है। इसके अलावा उन्हें 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
साधारण सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से निकलकर बिना किसी राजनीतिक वंशवाद के देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंचने की प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और सामाजिक गतिशीलता का उदाहरण माना जाता है। उनकी सफलता को यह संदेश देने वाला माना जाता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक भी अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है, आधार, यूपीआई और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ी है। साथ ही देशभर में सड़क, रेल, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अन्य बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
इस अवधि में भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। कई प्रमुख देशों के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए गए हैं और वैश्विक मंच पर विकास, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन तथा ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर भारत की आवाज पहले से अधिक प्रभावशाली हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह नया रिकॉर्ड भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल उनके लंबे राजनीतिक सफर को दर्शाती है, बल्कि देश की जनता द्वारा लगातार व्यक्त किए गए विश्वास और समर्थन का भी प्रतीक है।
