जकार्ता के इस्ताना मरदेका में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को 'बिंतांग आदिपूर्णा' सम्मान से नवाजा गया। (फोटो साभार: @narendramodi / X)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता के इस्ताना मरदेका राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक समारोह के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna) से नवाजा गया है। यह द्विपक्षीय मील का पत्थर दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) को मजबूत करने और ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए दिया गया है। सम्मान समारोह से पहले पीएम मोदी का पारंपरिक स्वागत किया गया, जिसके बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच व्यापार, रक्षा और डिजिटल तकनीक जैसे रणनीतिक मुद्दों पर डेलिगेशन स्तर की गहन वार्ता हुई।
मुख्य और गहरा प्रभाव
इस उच्च स्तरीय बैठक के परिणाम केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यावहारिक और आर्थिक प्रभाव बेहद दूरगामी होने वाले हैं:
रणनीतिक और रक्षा साझेदारी
दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), स्टील और उभरती प्रौद्योगिकियों (इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज) के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
भारतीय शिक्षा जगत के वैश्विक विस्तार के तहत जकार्ता में ‘भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु’ का एक नया शाखा परिसर (Branch Campus) स्थापित करने पर सहमति बनी है।
आर्थिक और खाद्य सुरक्षा
विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), खाद्य सुरक्षा और डिजिटल तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की आर्थिक पैठ को मजबूत करेगा।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त प्रेस वार्ता में भारत को एक ‘भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार’ बताते हुए भविष्य के इस रोडमैप का स्वागत किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संदर्भ
भारत और इंडोनेशिया के संबंध सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक ताने-बाने से जुड़े हैं। आधुनिक कूटनीति में दोनों देश ‘गुटनिरपेक्ष आंदोलन’ (Non-Aligned Movement) के संस्थापक सदस्यों के रूप में एक-दूसरे के करीब रहे हैं।
हाल के वर्षों में, भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और इंडोनेशिया के ‘ग्लोबल मैरीटाइम फुल्क्रम’ के बीच गहरा तालमेल देखा गया है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में चीन के बढ़ते आर्थिक और सैन्य प्रभाव के बीच, भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग का मजबूत होना पूरे वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के लिए बेहद अहम है। पीएम मोदी को मिला यह सर्वोच्च सम्मान इसी गहरे होते ऐतिहासिक और कूटनीतिक विश्वास का प्रमाण है।।
