पीएम मोदी ने नई दिल्ली में प्रगति (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) प्लेटफॉर्म की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने करीब 30 हजार करोड़ रुपये की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मेट्रो रेल सेक्टर से जुड़ी चार बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। ये परियोजनाएं चार राज्यों में कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और जनकल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और नागरिकों को समय पर सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान कर परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे बेहतर योजना निर्माण और परियोजनाओं की निगरानी सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने टीबी उन्मूलन अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ाने और जागरूकता अभियान में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) कैडेट्स तथा माई भारत वॉलंटियर्स की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव दिया।
साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने साइबर फ्रॉड मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए तेज प्रतिक्रिया प्रणाली, व्यापक जनजागरूकता अभियान और e-Zero FIR तंत्र के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
