हरियाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर 19 वर्षीय पूजा सिंह ने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है। एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की शानदार छलांग लगाकर उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि 14 साल पुराना भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले 1.92 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड साहना कुमारी के नाम था, जो वर्ष 2012 में बना था।
पूजा सिंह की सफलता की कहानी केवल एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी है। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बीच पूजा ने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। शुरुआती दिनों में उनके गांव में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। बांस और भूसे के बोरों की मदद से अभ्यास किया जाता था।
शुरुआत में पूजा योग और जिम्नास्टिक से जुड़ी थीं, लेकिन उनके कोच बलवान सिंह पात्रा ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें हाई जंप की ओर प्रेरित किया। इसके बाद पूजा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं।
वर्ष 2023 में उन्होंने एशियाई अंडर-18 चैंपियन का खिताब जीता। इसके बाद एशियाई अंडर-20 प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया। उन्होंने कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में भी भारत के लिए पदक जीते। वर्ष 2025 में सीनियर एशियाई चैंपियन बनकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।
पूजा के संघर्ष का सबसे भावुक पहलू यह है कि एक प्रतियोगिता में उन्होंने फटे हुए स्पाइक्स पहनकर भी स्वर्ण पदक जीत लिया था। उनके जूते टेप से बंधे हुए थे, लेकिन उनका आत्मविश्वास और जीतने का जज्बा कभी कमजोर नहीं पड़ा।
अब 2026 में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर पूजा सिंह ने संकेत दे दिया है कि वे भारतीय हाई जंप की नई स्टार बनने की राह पर हैं। उनकी उपलब्धि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे गांवों और सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
