तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया बहुमत के लिए आवश्यक समर्थन के अभाव में लगातार खिंचती जा रही है जिससे राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राष्ट्रीय महासचिव एम.ए. बेबी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह राज्यपाल का संवैधानिक कर्तव्य है कि वे सबसे बड़े एकल दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। चेन्नई में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने राज्यपाल पर दिल्ली के इशारों पर काम करने और जानबूझकर देरी करने की रणनीति अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालकर अन्नाद्रमुक (AIADMK) को सत्ता में वापस लाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
राज्य के इस राजनीतिक घटनाक्रम में एक नया मोड़ तब आया जब एएमएमके (AMMK) प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने राज्यपाल से उस फर्जी समर्थन पत्र पर कार्रवाई की मांग की जो कथित तौर पर उनके पार्टी विधायक द्वारा टीवीके (TVK) को दिया गया है। वहीं दूसरी ओर वीसीके (VCK) आज शाम चार बजे टीवीके के साथ एक औपचारिक बैठक के बाद अपनी रणनीति का खुलासा करने वाली है। इन तमाम हलचलों के बीच पुडुचेरी के रिजॉर्ट में ठहरे अन्नाद्रमुक के विधायक अब चेन्नई पहुंच चुके हैं जहाँ वे पार्टी महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी के साथ भविष्य की रणनीति पर महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषक अब राज्यपाल के अगले कदम पर नजरें टिकाए हुए हैं।
