थाईलैंड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत दर्ज की और प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। बैंकॉक में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत की स्टार शटलर Pपीवी सिंधु,लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने बैडमिंटन प्रेमियों में उत्साह बढ़ा दिया है।
महिला एकल वर्ग में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी तुंग सिउ-टोंग के खिलाफ पूरी तरह से एकतरफा मुकाबला खेला। सिंधु ने बेहतरीन स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए मैच को सीधे गेमों में 21-9 और 21-12 से जीत लिया। मुकाबले के दौरान सिंधु ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और विरोधी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। अब अगले दौर में उनका सामना डेनमार्क की अमाली शुल्ज से होगा। सिंधु के अनुभव और हालिया फॉर्म को देखते हुए भारतीय प्रशंसकों को उनसे आगे भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
भारत की युवा खिलाड़ी देविका सिहाग ने भी टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर करते हुए जापान की विश्व नंबर 26 खिलाड़ी नात्सुकी निदाइरा को हराया। यह मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें देविका ने शानदार मानसिक मजबूती दिखाई। उन्होंने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे गेम में जापानी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 21-13 से जीत दर्ज की। निर्णायक गेम में देविका ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए 21-15 से मुकाबला जीत लिया। इस जीत को उनके करियर की महत्वपूर्ण सफलताओं में माना जा रहा है। अगले दौर में उनका मुकाबला थाईलैंड की पिचामोन ओपटनिपुथ से होगा।
महिला एकल के एक अन्य मुकाबले में भारत की मालविका बंसोड़ ने कनाडा की वेन यू झांग को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। शुरुआत में मालविका संघर्ष करती नजर आईं और पहला गेम 13-21 से गंवा बैठीं। हालांकि इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और दूसरे गेम में बेहद रोमांचक मुकाबले में 26-24 से जीत हासिल की। तीसरे गेम में उनका आत्मविश्वास पूरी तरह लौट चुका था और उन्होंने 21-13 से जीत दर्ज करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब अगले दौर में उनका सामना चीन की मजबूत खिलाड़ी चेन यूफेई से होगा, जिसे एक कठिन चुनौती माना जा रहा है।
हालांकि महिला वर्ग में भारत को कुछ निराशा भी हाथ लगी। तन्वी शर्मा, उन्नति हुड्डा और अनमोल खरब अपने-अपने मुकाबले हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। तीनों खिलाड़ियों ने अच्छा संघर्ष किया, लेकिन निर्णायक मौकों पर बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सकीं।
पुरुष एकल वर्ग में सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह को सीधे गेमों में 21-16 और 21-17 से हराया। लक्ष्य ने पूरे मैच के दौरान बेहतरीन नियंत्रण बनाए रखा और तेज रफ्तार रैलियों में बढ़त हासिल की। उनकी फिटनेस और आक्रामक खेल ने विरोधी खिलाड़ी को दबाव में रखा। अब अगले दौर में उनका सामना चीनी ताइपे के सु ली-यांग से होगा।
पूर्व विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर के आठवीं वरीयता प्राप्त लोह कीन यू को हराकर बड़ा उलटफेर किया। श्रीकांत ने मुकाबले में शानदार अनुभव और रणनीति का परिचय देते हुए 21-14 और 21-15 से जीत दर्ज की। लंबे समय बाद श्रीकांत का यह प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अगले दौर में उनका सामना भी चीनी ताइपे के सु ली-यांग से होगा।
हालांकि पुरुष वर्ग में भारत के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को हार का सामना करना पड़ा। जापान के छठी वरीयता प्राप्त कोदाई नाराओका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में आयुष ने दूसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन निर्णायक गेम में वह पूरी तरह पिछड़ गए। मुकाबला 13-21, 21-17 और 4-21 से जापानी खिलाड़ी के पक्ष में समाप्त हुआ। वहीं थारुन मन्नेपल्ली भी जापान के कोकी वतानाबे के खिलाफ संघर्ष नहीं कर सके और 12-21, 16-21 से हार गए।
मिक्स्ड डबल्स वर्ग में भारत की आशित सूर्य और अमृता प्रमुथेश की जोड़ी को भी हार का सामना करना पड़ा। चीनी ताइपे की त्साई फू चेंग और सुंग यू-हुआन की जोड़ी ने भारतीय खिलाड़ियों को 24-22 और 21-11 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन दूसरे गेम में वे लय बनाए नहीं रख सके।
एक अन्य मिश्रित युगल मुकाबले में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की भारतीय जोड़ी को डेनमार्क के मैथियास क्रिस्टियनसेन और एलेक्जेंड्रा बोए के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। डेनिश जोड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ियों को 21-9 और 21-15 से हराकर उनका अभियान समाप्त कर दिया।
थाईलैंड ओपन में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि भारत की बैडमिंटन टीम लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है। अब सभी की निगाहें अगले दौर के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।
