केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 एक जुलाई से सफलतापूर्वक लागू हो गया है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मिशन के तहत राज्यों को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की। इस अवसर पर उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ मिशन के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की।
श्री चौहान ने बताया कि पहली किस्त जारी करने का उद्देश्य राज्यों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वीबी-जी रैम-जी अधिनियम के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का सफलतापूर्वक रूपांतरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में तीन वर्ष से अधिक समय लगा था, वहीं वीबी-जी रैम-जी को केवल एक दिन में देशभर में लागू कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत अगले पांच वर्षों में 2.86 लाख ग्राम पंचायतों में 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मिशन के पहले सप्ताह में ही बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
श्री चौहान ने बताया कि वीबी-जी रैम-जी के तहत मजदूरी दरों में औसतन करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फेस ऑथेंटिकेशन, जियो-टैगिंग तथा अन्य तकनीकी उपायों को पूरी तरह लागू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी के लिए कोई स्थान नहीं है तथा सरकार पारदर्शिता, विश्वसनीयता और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
