नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने आज दोपहर नई दिल्ली में औपचारिक रूप से मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने की। पिछले वर्ष दिसंबर में अंतिम रूप दिए गए इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात को सभी टैरिफ लाइनों पर 100% शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे भारत के विभिन्न क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह समझौता न केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित है, बल्कि यह सेवाओं, गतिशीलता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पारंपरिक चिकित्सा और निवेश के क्षेत्र में भी नए रास्ते खोलेगा। इस समझौते के अंतर्गत, न्यूजीलैंड ने भारत में औद्योगिक विकास, नवाचार, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन के लिए 20 बिलियन डॉलर की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जताई है। भारत ने इस एफटीए के माध्यम से अपने मुख्य हितों को मजबूती से सुरक्षित रखा है, जिसमें डेयरी, कृषि और रत्न एवं आभूषण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा मानकों के जरिए संरक्षित किया गया है।
आज सुबह भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए श्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफटीए दोनों देशों के बीच साझा विश्वास को दर्शाता है और द्विपक्षीय आर्थिक व्यापार को दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता दोनों देशों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, मूल्य श्रृंखलाओं (Value Chains) को मजबूत करेगा और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का विशाल बाजार, कुशल प्रतिभा, डिजिटल क्षमताएं और विनिर्माण शक्ति, न्यूजीलैंड की एग्रीटेक, स्वच्छ ऊर्जा और फिनटेक विशेषज्ञता की पूरक हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि यह समझौता व्यापार, पर्यटन, अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा और सेवा क्षेत्र को लाभ पहुंचाकर किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नवाचारियों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह साझेदारी आधुनिक कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देगी, भारतीय व्यवसायों के लिए वैश्विक द्वार खोलेगी और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने, काम करने और आगे बढ़ने के विकल्प प्रदान करेगी।
