चम्पावत जिले में भारत जनगणना 2027 की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है और जिले भर में प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा भवन गणना का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जनगणना का यह पहला चरण 25 अप्रैल से शुरू होकर 24 मई तक जारी रहेगा। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप है, जिसके तहत प्रगणक अब कागजी कार्यवाही के बजाय आधुनिक उपकरणों और मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा संकलन का काम कर रहे हैं। इस गणना प्रक्रिया के दौरान प्रगणक न केवल भवनों की वर्तमान स्थिति और उनके निर्माण की प्रकृति का आकलन कर रहे हैं, बल्कि परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा भी दर्ज कर रहे हैं। इसमें विशेष रूप से पेयजल, विद्युत व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता और आवासीय स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इन सभी जानकारियों को सीधे डिजिटल सर्वर पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे डेटा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सटीक विश्लेषण करना संभव हो सकेगा।
प्रशासनिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, चम्पावत जिले की 312 ग्राम पंचायतों, 4 नगर पालिकाओं और 2 नगर पंचायतों में यह महत्वपूर्ण कार्य पूरी गंभीरता के साथ किया जा रहा है। जिला मुख्यालय में तैनात भारत जनगणना के नगरीय सुपरवाइजर राजेन्द्र सिंह ने पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कार्य के पहले तीन दिनों में भवनों का नजरी नक्शा तैयार करने का कार्य किया गया, जो अब अपनी पूर्ण प्रगति पर है। इस प्राथमिक चरण के उपरांत, प्रगणक घर-घर जाकर भवनों का भौतिक सत्यापन करेंगे और सुख-सुविधाओं की स्थिति का डेटाबेस तैयार करेंगे।
क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत प्रगणक भी इस अभियान को लेकर पूरी तरह तत्पर हैं। चम्पावत नगरपालिका के छतार वार्ड में तैनात जनगणना प्रगणक इंदुवर जोशी ने बताया कि वे अपने निर्धारित क्षेत्र में पहुंचकर भवनों के साथ-साथ मंदिरों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गणना कर रहे हैं और उनसे जुड़ी आवश्यक जानकारी जुटाने का कार्य कर रहे हैं।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान की सफलता को देखते हुए चम्पावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों से विशेष अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें और घर आने वाले प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि देश और राज्य के विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए यह आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए एक बेहतर भविष्य की आधारशिला रखने के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता इस प्रक्रिया में अनिवार्य है।
