बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक पटना म्यूजियम में आयोजित ‘टिकुली आर्ट प्रदर्शनी’ आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। 5 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चली इस लगभग एक महीने की प्रदर्शनी में कला प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली और लोगों ने बिहार की इस विशिष्ट कला में गहरी रुचि दिखाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहार की पारंपरिक कलाओं को संरक्षण देना और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों से परिचित कराना था।
प्रदर्शनी के दौरान बिहार की पारंपरिक टिकुली कला के आकर्षक और विविध नमूने प्रदर्शित किए गए, जिसमें बारीकी से उकेरी गई आकृतियों और जीवंत रंगों के मेल को दर्शकों ने खूब सराहा। कलाकारों ने अपनी असाधारण प्रतिभा के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे म्यूजियम का माहौल कलात्मक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर टिकुली आर्ट से जुड़े कलाकारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के लिए की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल कला का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को अपनी पहचान बनाने के लिए एक सशक्त और नया मंच भी प्राप्त हो रहा है।
