प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और सद्भावना के संदेश को आत्मसात करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज बुद्ध के जीवन मूल्यों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और उनके आदर्शों को समाज में साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस पावन दिन पर भगवान बुद्ध के विचारों को अपने दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प लें।
एक विशेष वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने बुद्ध के मार्ग को ‘थ्योरी, प्रैक्टिस और रियलाइजेशन’ यानी जानना, अमल करना और अनुभव करना के त्रिसूत्र के रूप में समझाया। उन्होंने कहा कि भारत इन तीनों स्तरों पर काम करते हुए बुद्ध की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा को केवल एक पर्व न मानकर कर्तव्यों की याद दिलाने वाला दिन बताया और रेखांकित किया कि भगवान बुद्ध का करुणा, सेवा और त्याग का संदेश सदियों बाद भी आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कामना की कि बुद्ध के ये महान विचार समाज में आनंद, शांति और एकजुटता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें।
