नालंदा जिला समाहरणालय के हरदेव भवन में आज युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उन्हें रोजगार के आधुनिक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध कराना रहा।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से संवाद किया गया। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं के क्रियान्वयन और इनकी पहुंच युवाओं तक सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया:
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना: युवाओं को कॉर्पोरेट जगत का व्यावहारिक अनुभव दिलाने के लिए।
- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: राज्य के युवाओं के कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए।
- राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS): युवाओं को उद्योगों में शिक्षुता (Apprenticeship) के माध्यम से हुनरमंद बनाने के लिए।
सरकार का लक्ष्य: आत्मनिर्भर युवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के निदेशक सुनील कुमार ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार का साझा लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाना है। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार द्वारा संचालित इन विभिन्न योजनाओं का मूल उद्देश्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वैश्विक रोजगार बाजार की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
शैक्षणिक संस्थानों से अपील निदेशक ने जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि इन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक छात्रों और बेरोजगार युवाओं तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सूचना के अभाव में कोई भी पात्र अभ्यर्थी लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग, आईटीआई (ITI) और विभिन्न डिग्री महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। सभी प्रतिनिधियों ने योजनाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार साझा किए।
