मोतिहारी। जिले के सुगौली, नरकटिया तथा रक्सौल विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण, ग्रामीण कार्य तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर समाहरणालय परिसर स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सांसद डॉ. संजय जायसवाल, रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा, नरकटिया विधायक विशाल कुमार, सुगौली विधायक राजेश कुमार उर्फ बब्लू गुप्ता, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार सहित पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का आरंभ जिलाधिकारी द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया।
बैठक के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने पथ निर्माण विभाग तथा ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित सड़कों की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित सड़कों के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही निविदा प्रक्रिया तथा कार्यों की प्रगति को लेकर भी चर्चा की गई। सांसद ने निर्देश दिया कि जिन सड़कों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है, उन सभी स्थलों की भू-अंकित तस्वीरें उपलब्ध कराई जाएं ताकि वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पिछले एक माह के दौरान जिन सड़कों पर कार्य किया गया है, उन सभी कार्यों की भू-अंकित तस्वीरें तथा प्रगति प्रतिवेदन आगामी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जाएं। सांसद ने यह भी स्पष्ट रूप से पूछा कि अब तक कुल कितना कार्य पूरा हो चुका है तथा किन कारणों से कुछ योजनाओं में विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता तथा समयबद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जर्जर तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुरक्षण के अधीन आने वाली सभी सड़कों की मरम्मत शीघ्र सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित संवेदकों को लिखित निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सड़कों की अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है, उनकी संख्या तथा वर्तमान स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए ताकि आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। सांसद ने उन प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्रों की सूची मांगी जिनके निर्माण के लिए अब तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रखंडवार स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता, चिकित्सकों की संख्या तथा सहयोगी कर्मियों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सांसद ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, जिसमें चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा अन्य सहयोगी कर्मियों की तैनाती और उपलब्धता का पूरा विवरण शामिल हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं तथा विकास कार्यों के संबंध में कई महत्वपूर्ण विषय अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा तथा योजनाओं की नियमित निगरानी जारी रखी जाएगी।
