बिहार के लखीसराय जिले में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के अंतर्गत एक बेहद महत्वपूर्ण अभियान “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास को तीव्र गति देना तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। यह पूरा कार्यक्रम अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, बिहार तथा लखीसराय जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह विशेष अभियान सोमवार से प्रारंभ होकर आगामी 25 मई तक जिले के विभिन्न जनजातीय बहुल गांवों में पूरी सक्रियता के साथ चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीणों को तमाम जरूरी सरकारी सेवाएं और योजनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इस अभियान के औपचारिक उद्घाटन के लिए समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार तथा उपसमाहर्ता नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष अवसर पर उपस्थित उच्चाधिकारियों ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा और कार्ययोजना को सबके सामने प्रस्तुत किया और संबंधित विभागों को जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी और सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने अभियान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन गांवों में आयोजित होने वाले शिविरों में नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और योजनाओं जैसे पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी अनिवार्य सेवाओं का मौके पर ही त्वरित निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों की स्थानीय समस्याओं और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और संबंधित विभागों के समन्वय से उनका शीघ्र और स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि हर पात्र लाभार्थी तक सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंच सके। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान समाज के वंचित और पिछड़े समुदायों को मुख्यधारा की सरकारी सेवाओं से जोड़ने तथा उनके वास्तविक सशक्तीकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल साबित होगा। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर जनजातीय समुदाय के लोगों से यह पुरजोर अपील की है कि वे भारी संख्या में इन शिविरों में पहुंचें और वहां उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।
