पूर्व रेलवे (हावड़ा) के महाप्रबंधक मिलिंद देउसकर ने आज सुबह जमालपुर रेलवे जंक्शन का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान ईस्टर्न रेलवे (हावड़ा), मालदा रेल मंडल और जमालपुर रेल कारखाना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जंक्शन क्षेत्र और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। ब्रिज क्षेत्र का अवलोकन करते हुए उन्होंने रेल ढाँचे को और मज़बूत बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया।
मीडिया से बातचीत के दौरान महाप्रबंधक मिलिंद देउसकर ने स्पष्ट किया कि जमालपुर रेल कारखाना का भविष्य बेहद उज्जवल है। उन्होंने भरोसा जताया कि यहां की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा जमालपुर रेल कारखाना और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए शुरू की गई 140 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं और इनकी निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। सभी परियोजनाओं पर कार्य बहुत जल्द प्रारंभ किया जाएगा।
महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि जमालपुर रेल कारखाना में 1000 वैगन की पीरियॉडिक ओवरहालिंग (POH) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और गति देगा। इसके साथ ही जमालपुर–भागलपुर–किऊल रेलखंड में रेल लाइन विस्तार योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। उनके अनुसार, रेल लाइन विस्तार से इस खंड में ट्रेनों की संख्या दोगुनी हो जाएगी और यात्री सेवाओं में बड़े पैमाने पर सुधार होगा।
मिलिंद देउसकर ने बताया कि जमालपुर यात्रा का उद्देश्य सभी परियोजनाओं के सुचारू और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए ठोस रूपरेखा तैयार करना था। उनका यह निरीक्षण न केवल विकास योजनाओं की प्रगति को गति देगा, बल्कि जमालपुर रेल कारखाना और पूरे क्षेत्र की रेल सेवाओं को नए आयाम देने वाला साबित होगा।
