अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता अंतिम रूप ले चुका है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जाएगा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल का परिवहन इसी जलमार्ग से किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने नौसैनिक अवरोध को समाप्त करेगा। उन्होंने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
समझौते की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार में लगभग 4 प्रतिशत गिर गई। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 4.6 प्रतिशत से अधिक फिसल गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी और ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी। इससे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता न केवल दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
