भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए पत्र में आयोग ने कहा है कि कर्तव्य में लापरवाही, negligence, अनुशासनहीनता, जानबूझकर आयोग के निर्देशों का पालन न करना या जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर संबंधित बीएलओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि यदि किसी बूथ लेवल अधिकारी की किसी कार्रवाई या चूक के कारण मतदाता सूची की सटीकता, विश्वसनीयता या अखंडता प्रभावित होती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मामले में आपराधिक कदाचार सामने आता है, तो कानून के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
