भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते का देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी नई घोषणाएं दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बेहद सकारात्मक साबित होंगी। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आर्थिक विकास को गति मिलेगी और तकनीकी इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद व्यापार से जुड़े फैसलों का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करेगा और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई मजबूती देगा। जयशंकर ने यह भी कहा कि इससे भरोसेमंद टेक्नोलॉजी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग का दायरा और विस्तृत होगा।
उन्होंने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के आर्थिक सहयोग में संभावनाएं बेहद विशाल हैं और दोनों देशों को भरोसा है कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठा सकेंगे। जयशंकर ने कहा कि मजबूत आर्थिक संबंध भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी की सबसे मजबूत नींव हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व दिखाया है और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दिखाई है।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी देश हैं और दोनों मिलकर टेक्नोलॉजी विकास, समाधान निर्माण और वैश्विक स्तर पर शांति एवं विकास के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए उज्ज्वल भविष्य तैयार करेगी और वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता किसानों, एमएसएमई सेक्टर, स्टार्टअप, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। गोयल ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ जैसे अभियानों को इस समझौते से वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी। साथ ही भारत को अमेरिका से नई टेक्नोलॉजी हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
गोयल ने इस समझौते को सिर्फ व्यापारिक करार नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश की गति को तेज करेगा।
रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस समझौते को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों देश स्वाभाविक सहयोगी हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत और अमेरिका की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं और दोनों देश मिलकर ऐसी तकनीक और समाधान विकसित कर सकते हैं जो पूरी दुनिया के लिए लाभकारी होंगे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील दोनों देशों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और यह एक विन-विन समझौता साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के नागरिकों, उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है और इससे वैश्विक स्तर पर भारत-अमेरिका साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
Welcome the announcements on bilateral trade following the conversation between PM @narendramodi and President @realDonaldTrump.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 2, 2026
This will create more jobs, spur growth and promote innovation in both economies. It will strengthen ‘Make in India’ endeavors and encourage trusted…
