अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अमेरिकी अदालत द्वारा उनके, सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर के बावजूद उनका विश्वास सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में अडिग रहा।
न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की जिला अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सोमवार को अदाणी समूह से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए।
फैसले के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विनम्रता और गहरे सम्मान के साथ इस फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने पूरे मामले के दौरान उन पर और न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा बनाए रखा।
अदाणी ने कहा कि यह फैसला समूह की प्राथमिकताओं को नहीं बदलेगा। समूह भारत के विकास में योगदान देने, दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने और देश के लिए निर्माण करने के अपने उद्देश्य पर पहले की तरह केंद्रित रहेगा।
इस बीच, अदालत ने अदाणी समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के बीच हुए समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया। समझौते के तहत अदाणी पक्ष अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा और इससे नागरिक प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले का निपटारा हो जाएगा।
मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने पिछले महीने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा था कि इससे जुड़े निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। विभाग ने इसे अभियोजन पक्ष के मामले की एक महत्वपूर्ण कमजोरी बताया था।
न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, मामले से जुड़े प्रतिभूति साधनों में निवेश करने वाले किसी भी निवेशक को आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। दस्तावेज में यह भी बताया गया कि चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरी तरह किया जा चुका है, जबकि बाकी दो का भुगतान नियमित रूप से जारी है।
अदाणी ग्रुप ने इस फैसले के बाद स्पष्ट किया है कि वह अपने कारोबारी और विकास संबंधी लक्ष्यों पर आगे भी ध्यान केंद्रित करेगा।
