केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनके समर्पण और साहस की सराहना की। गृह मंत्री ने जवानों के साथ बातचीत करते हुए सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की भूमिका को देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ की शुरुआत भी की। इस योजना के तहत सीमा से जुड़े गांवों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, सड़क, बिजली और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर जिलों के कई गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार, इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख तपन डेका और राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
गृह मंत्री अमित शाह बाद में बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में सीमा सुरक्षा को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस समन्वय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे, जहां सीमा सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय को और मजबूत बनाने पर चर्चा की जाएगी।
