त्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न जनपदों में ‘राजस्व लोक अदालत’ का विधिवत शुभारंभ किया है। इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना है, जिससे आमजन को कचहरियों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल सके।
प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को साकार करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुलभ और किफायती बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर जोर
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना है। ‘राजस्व लोक अदालत’ के माध्यम से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि विवादों का निपटारा आपसी सहमति और विधिक स्पष्टता के साथ हो सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय (Time-bound Justice) प्राप्त हो सकेगा।
आमजन के लिए सुगम होगी प्रक्रिया
राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए जिला मुख्यालयों तक दौड़ना पड़ता था। मुख्यमंत्री के इस कदम को सुशासन (Good Governance) की दिशा में उत्तराखंड सरकार का एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
