उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नीति घाटी में होने वाली साहसिक अल्ट्रा दौड़ के लिए उलटी गिनती अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने आगामी 31 मई को आयोजित होने वाली इस विशेष प्रतियोगिता के शुभंकर “क्यालू हिम तेंदुआ” का भी अनावरण किया। कार्यक्रम में युवाओं के उत्साह और ऊर्जा ने पूरे वातावरण को जोश से भर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी में आयोजित होने वाली यह साहसिक दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए आत्मविश्वास को जगाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवा साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने के जुनून से भरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां युवाओं के कदमों की जो गूंज सुनाई दे रही है, वही आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर नया इतिहास रचेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ना केवल शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि हिमालय जैसी अटूट आस्था और कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने के साहस का प्रतीक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और शक्ति का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ये युवा राज्य की नई पहचान बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता हुआ नया उत्तराखंड बन चुका है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी की यह साहसिक दौड़ राज्य की शक्ति और सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और वहां के लोगों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस संकल्प का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीमांत गांव देश के अंतिम गांव नहीं बल्कि प्रथम गांव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन उसी सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, गृह आवास पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और युवाओं के स्वरोजगार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 31 मई को नीति घाटी की पवित्र और दुर्गम धरती पर होने वाला यह आयोजन उत्तराखंड में खेल और साहसिक पर्यटन के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस विशाल आयोजन के लिए देश के 27 राज्यों और दो अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। यह युवाओं के बीच इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता और आकर्षण का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे स्वस्थ भारत अभियान, खेलो भारत और राष्ट्रीय खेल अभियानों ने देशभर में खेल और स्वास्थ्य को जनआंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है कि उत्तराखंड को साहसिक खेलों और खेल पर्यटन की दृष्टि से देश का अग्रणी केंद्र बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सभी युवा पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ इस दौड़ में भाग लें, सुरक्षित तरीके से इसे पूरा करें और 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, पर्यटन विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र भंडारी सहित अनेक अधिकारी, खिलाड़ी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।
