फीफा काउंसिल ने अपने गवर्नेंस रेगुलेशन में एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत अब अफगान महिला खिलाड़ी आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी। यह निर्णय काफी मायने रखता है क्योंकि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से वहां की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने कोई भी आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। फीफा का यह कदम समावेश और गैर-भेदभाव के अपने मूल सिद्धांतों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी उन परिस्थितियों के कारण खेल से बाहर न रहें जो पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हैं।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इसे एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगान महिला खिलाड़ी, जिनमें फीफा समर्थित ‘अफगान वुमन यूनाइटेड’ टीम की सदस्य भी शामिल हैं, अब एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) के साथ समन्वय स्थापित करके आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। फीफा द्वारा समर्थित इस टीम का अगला प्रशिक्षण शिविर 1 जून से 9 जून तक न्यूजीलैंड में आयोजित किया जाएगा। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे इन खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
फीफा ने इस पहल को सफल बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है और वह खिलाड़ियों को सुरक्षित एवं टिकाऊ रास्ता प्रदान करने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और मानवीय सहायता मुहैया कराएगा। ‘अफगान वुमन यूनाइटेड’ टीम की खिलाड़ियों के लिए यह विशेष सहायता पैकेज संक्रमण काल के दौरान आगामी दो वर्षों तक जारी रहेगा। फीफा का यह निर्णय उन महिला खिलाड़ियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद खेल के प्रति अपने समर्पण को जीवित रखे हुए हैं।
