विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो गहरे और बहुआयामी सहयोग पर आधारित है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई बैठक के दौरान कही।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका प्रभाव दुनिया के कई क्षेत्रों और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कई मुद्दों पर समान हित हैं और दुनिया के कई हिस्सों में दोनों की सोच एक जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय काफी जटिल है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि दोनों देशों के बीच खुली और सकारात्मक चर्चा होगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर कल नई दिल्ली पहुंचे। वह 26 तारीख को होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल होंगे।
बैठक के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने, विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों में चल रही पहलों की समीक्षा करने और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह समूह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
