इजरायल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा की गई हालिया टिप्पणियों की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें बेहद अपमानजनक करार दिया है। इजरायल ने न केवल इन बयानों की निंदा की, बल्कि मध्य पूर्व के मौजूदा तनाव में एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया कि किसी भी देश के खात्मे या विनाश का आह्वान किसी भी सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं है, विशेष रूप से उस देश के लिए जो खुद को शांति और सुलह के सूत्रधार के रूप में पेश कर रहा हो। यह तीखी प्रतिक्रिया ख्वाजा आसिफ द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उन विवादित बयानों के बाद आई है, जिन्हें इजरायल ने भड़काऊ और अस्वीकार्य माना है।
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस मामले में अपना कड़ा रुख अपनाते हुए इन टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से यहूदी विरोधी (एंटीसेमिटिक) बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए उठने वाले किसी भी खतरे के खिलाफ अपना बचाव करना जारी रखेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान को हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम की मध्यस्थता करने का श्रेय दिया गया है और आने वाले दिनों में पाकिस्तान में शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी की भी संभावना है। हालांकि, रक्षा मंत्री के इन ताजा बयानों ने पाकिस्तान की इस कूटनीतिक भूमिका और शांति प्रयासों पर संदेह के बादल पैदा कर दिए हैं। दूसरी ओर, ख्वाजा आसिफ ने अपने बयानों में गाजा, ईरान और लेबनान में जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए इजरायल पर आरोप लगाए थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय नाजुक युद्धविराम को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
